Iran Protests LIVE: ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर कार्रवाई लगातार और तेज होती जा रही है. मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां हुई हैं. हालात को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ रहा है, वहीं भारत ने भी अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है.
एएफपी ने नॉर्वे स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स (IHR) एनजीओ के हवाले से बताया कि ईरान में प्रदर्शनों पर कार्रवाई के दौरान अब तक कम से कम 3,428 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है और 10,000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है. IHR के अनुसार, इनमें से 3,379 मौतें 8 से 12 जनवरी के बीच हुईं, जब प्रदर्शन अपने चरम पर थे.
भारत ईरान के बीच हुई बातचीत
बुधवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से फोन पर बात की. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया. हमने ईरान और उसके आसपास के बदलते हालात पर चर्चा की.’
भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी
ईरान में बिगड़ते हालात को देखते हुए तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार को एक एडवाइजरी जारी की. इसमें ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों से उपलब्ध साधनों, खासकर कमर्शियल फ्लाइट्स के जरिए, देश छोड़ने की अपील की गई है. दूतावास ने भारतीय नागरिकों और पीआईओ (भारतीय मूल के लोगों) से कहा है कि वे पूरी सतर्कता बरतें, प्रदर्शन या विरोध वाले इलाकों से दूर रहें और भारतीय दूतावास के संपर्क में बने रहें. साथ ही स्थानीय मीडिया पर नजर रखने की भी सलाह दी गई है.
इसी बीच, ईरान में सरकार विरोधी एक प्रदर्शनकारी को बुधवार को फांसी दिए जाने की खबर सामने आई है. यह प्रदर्शनों की शुरुआत के बाद पहली रिपोर्टेड फांसी मानी जा रही है. 26 वर्षीय इरफान सुल्तानी को 8 जनवरी को पश्चिमी तेहरान के फर्दियास इलाके में हुए प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था. ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें मौत की सजा सुनाई गई है. यह जानकारी उनके परिवार के करीबी सूत्रों ने ओस्लो स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स संगठन को दी.
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा तनाव
ईरान में प्रदर्शनों पर सख्त कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ता जा रहा है. इस मुद्दे पर ईरान सरकार और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच तीखी बयानबाजी भी हो रही है. ट्रंप ने ईरानी नागरिकों से प्रदर्शन जारी रखने की अपील की और कहा कि मदद रास्ते में है. उनके इस बयान पर ईरान की सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति राजनीतिक अस्थिरता फैलाने, हिंसा भड़काने और देश की संप्रभुता को खतरे में डालने की कोशिश कर रहे हैं.
कैसे शुरू हुए थे प्रदर्शन
ईरान में ये विरोध प्रदर्शन दिसंबर के अंत में शुरू हुए थे. शुरुआत में लोग खराब होती अर्थव्यवस्था और महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे, लेकिन जल्द ही ये प्रदर्शन देश की धार्मिक सत्ता व्यवस्था के खिलाफ भी हो गए. खासतौर पर सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई को निशाना बनाया गया.


































