भारत में पानी की समस्या हर साल लाखों लोगों की जिंदगी पर असर डालती है. शहरों और गांवों में कई लोग साफ पानी नहीं पी पाते हैं और मजबूरी में गंदा पानी पीना पड़ता है. यही गंदा पानी कई तरह की बीमारियों का मुख्य कारण बनता है. गंदा पानी पीने से पेट, लिवर, किडनी और स्किन जैसी समस्याएं होती हैं. गंभीर मामलों में यह मौत का कारण भी बन सकता है. हमारे देश में पानी जीवन के लिए सबसे जरूरी चीज है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर साल लाखों लोग गंदा या दूषित पानी पीने की वजह से गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं.
भारत में कई जगहों पर लोग आज भी साफ पानी तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. यह सिर्फ गांवों की समस्या नहीं है, बल्कि शहरों और मेट्रो शहरों में भी लोग गंदे पानी के कारण बीमार हो रहे हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि गंदा पानी पीने से देश में हर साल कितने लोग बीमार पड़ते हैं और कितनों की मौत होती है.
गंदे पानी से होने वाली आम बीमारियां
गंदा पानी सिर्फ अस्वस्थ महसूस कराने वाला नहीं है. यह गंभीर बीमारियों का भी कारण बन सकता है. इसमें मौजूद बैक्टीरिया, वायरस और विषैले तत्व हमारे शरीर में प्रवेश करके कई तरह की समस्याएं पैदा करते हैं. जैसे –
1. पेट संबंधी समस्याएं – उल्टी, दस्त, डायरिया, पेट दर्द, हैजा, टाइफाइड जैसी गंभीर बीमारियां.
2. जिगर और लीवर की बीमारियां – हेपेटाइटिस-ए और ई (पीलिया) जैसी समस्याएं.
3. किडनी और गुर्दे की समस्या – गंदे पानी में मौजूद भारी धातुएं जैसे आर्सेनिक, लेड और कैडमियम धीरे-धीरे किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं.
4. स्किन संबंधी समस्या – रैशेज, एलर्जी, सोरायसिस और एक्जिमा जैसी समस्याएं.
5. कैंसर और अन्य गंभीर रोग – दूषित पानी में मौजूद कार्सिनोजेनिक तत्व और टॉक्सिन्स लंबे समय में कैंसर जैसी घातक बीमारियों का कारण बन सकते हैं.
6. न्यूरोलॉजिकल समस्याएं – मेमोरी लॉस, मूड स्विंग्स और अन्य मानसिक परेशानियां भी हो सकती हैं.
गंदा पानी पीने से देश में हर साल कितने लोग पड़ते हैं बीमार
भारत में गंदे पानी की समस्या बहुत बड़ी है. जुलाई 2022 की एक स्टडी के अनुसार, भारत में लगभग 1.95 लाख बस्तियों में लोग दूषित पानी पी रहे हैं. इससे न सिर्फ आम बीमारियां फैलती हैं, बल्कि 2019 में लगभग 23 लाख लोगों की मौत भी इसी वजह से हुई. कम्पोजिट वॉटर मैनेजमेंट इंडेक्स (CWMI) की रिपोर्ट बताती है कि हर साल भारत में दूषित पानी पीने से लगभग 2 लाख लोगों की मौत हो जाती है.अगर इस समस्या को समय पर हल नहीं किया गया, तो 2030 तक लगभग 60 करोड़ लोग पानी की कमी और दूषित पानी की समस्या से जूझ सकते हैं.
गंदा पानी कहां ज्यादा है?
विशेषज्ञों के अनुसार, शहरों के स्लम और कंजेस्टेड इलाके गंदे पानी से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. एनसीआर क्षेत्र और दिल्ली-एनसीआर में पानी की सप्लाई खराब होने की वजह से लोग बार-बार बीमार पड़ते हैं.छोटे-छोटे सेक्टरों, कॉलोनियों और अपार्टमेंट में गंदा पानी सप्लाई होने के कारण हर महीने कई सौ लोग अस्पताल जाते हैं.
विशेषज्ञों की चेतावनी
डॉक्टरों का कहना है कि दूषित पानी पीने से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर भी असर पड़ता है. समय पर इलाज न मिलने पर गंभीर संक्रमण किडनी और लीवर तक फैल सकता है.विशेषज्ञों ने अधिकारियों से अपील की है कि खराब पाइप लाइन बदल कर और पानी की नियमित जांच कर लोगों को साफ पानी उपलब्ध कराया जाए. ॉ
घर पर सावधानी और ट्रीटमेंट
1. पीने का पानी – हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं.
2. इलेक्ट्रोलाइट्स – डिहाइड्रेशन से बचने के लिए नींबू पानी, नारियल पानी और ओआरएस का यूज करें.
3. हल्का खाना– उल्टी या दस्त होने पर खिचड़ी, दही-चावल, केला जैसे हल्का खाना लें.
4. अलर्ट रहें – लगातार दस्त, उल्टी, तेज बुखार, पेशाब कम होना या शरीर/आंखों में पीलापन दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
5.हाइजीन – ताजा और ढका हुआ खाना खाएं, हाथों को अच्छे से धोएं और समय पर टीकाकरण करवाएं.
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.


































