
लखनऊ के सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में जनभावनाओं को सम्मान देने वाला एक महत्वपूर्ण निर्णय सामने आया है। 51 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित मार्ग में संशोधन करते हुए आज़ाद विहार कॉलोनी के लगभग 250 से अधिक मकानों को सुरक्षित रखने का निर्णय लिया गया। इस फैसले के बाद क्षेत्रीय नागरिकों ने विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे संवेदनशील नेतृत्व और जनप्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
एक्सप्रेसवे परियोजना और प्रारंभिक चुनौती

प्रदेश सरकार द्वारा लगभग ₹5,000 करोड़ की लागत से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने हेतु 51 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है। यह परियोजना पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच तीव्र संपर्क स्थापित करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रारंभिक प्रस्ताव के अनुसार एक्सप्रेसवे का मार्ग आज़ाद विहार कॉलोनी से होकर गुजरना था, जिससे सैकड़ों परिवारों के घर प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हो गई थी। वर्षों की मेहनत से बने आशियानों पर संकट के बादल मंडराने लगे थे।
डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल: जनभावनाओं को मिला सम्मान

क्षेत्रीय नागरिकों की चिंता को गंभीरता से लेते हुए विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस विषय को प्रमुखता से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखा। शासन स्तर पर विस्तृत विचार-विमर्श और तकनीकी परीक्षण के उपरांत एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित रूट में संशोधन का निर्णय लिया गया।
इस निर्णय से आज़ाद विहार कॉलोनी के 250 से अधिक परिवारों के मकान सुरक्षित रह सके। इसे विकास और संवेदनशीलता के संतुलन का उदाहरण माना जा रहा है।
जनसंवाद कार्यक्रम: विकास और सुरक्षा पर विस्तृत चर्चा

रॉयल गेस्ट हाउस, आज़ाद विहार कॉलोनी (निकट दरोगा खेड़ा, कानपुर रोड, लखनऊ) में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान कॉलोनीवासियों ने विधायक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय जनभावनाओं के सम्मान का प्रतीक है।
विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सरोजनीनगर का विकास उनकी प्राथमिकता है, लेकिन विकास की प्रक्रिया में किसी भी परिवार की सुरक्षा और सम्मान से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि “सुरक्षा के साथ विकास” ही उनकी कार्यशैली का मूल मंत्र है।
लिंक एक्सप्रेसवे: क्षेत्रीय विकास को नई गति

यह लिंक एक्सप्रेसवे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के 294 किलोमीटर बिंदु से प्रारंभ होकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के 06 किलोमीटर बिंदु तक जुड़ेगा। इसके निर्माण से लखनऊ जनपद को औद्योगिक, व्यापारिक और आर्थिक दृष्टि से नई गति मिलने की उम्मीद है।
सरोजनीनगर क्षेत्र, जो एयरपोर्ट के निकट होने के कारण रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, इस परियोजना से विशेष लाभान्वित होगा। परिवहन सुविधा सुदृढ़ होने से निवेश, उद्योग और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
बंथरा टाउन एरिया और क्षेत्रीय विकास योजनाएँ

जनसंवाद के दौरान बंथरा टाउन एरिया में ₹43 करोड़ की लागत से स्वीकृत विकास कार्यों की जानकारी भी साझा की गई। क्षेत्रीय नागरिकों ने इस पहल पर संतोष व्यक्त किया। विधायक ने बताया कि राजधानी क्षेत्र को विस्तारित कर राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) के रूप में विकसित करने की योजना पर कार्य चल रहा है, जिसमें आसपास के कई जनपदों को शामिल किया जाएगा।
आगामी वर्षों में लखनऊ को देश के अग्रणी विकसित शहरों में स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
ऐतिहासिक बजट और आधारभूत संरचना पर बल

विधानसभा सत्र में प्रस्तुत ₹9.12 लाख करोड़ के बजट का उल्लेख करते हुए विधायक ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के लिए ₹34,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 11 किलोमीटर सड़क निर्माण किया जा रहा है, जो विकास की गति को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि सुदृढ़ कानून-व्यवस्था निवेश और औद्योगिक विकास की आधारशिला है, और प्रदेश सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
सरोजनीनगर की प्रमुख परियोजनाएँ और निवेश

सरोजनीनगर क्षेत्र में ₹5,000 करोड़ की लखनऊ-कानपुर रोड परियोजना, वृंदावन योजना में ₹10,000 करोड़ की एआई सिटी, अशोक लीलैंड फैक्ट्री में ₹1,000 करोड़ का निवेश तथा डिफेंस कॉरिडोर के अंतर्गत ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण जैसी परियोजनाएँ क्षेत्र को औद्योगिक पहचान प्रदान कर रही हैं।
लतीफ नगर में बेटियों के लिए ₹14 करोड़ की लागत से डिग्री कॉलेज का शुभारंभ भी शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम है।
जनसमस्याओं के समाधान की निरंतर पहल
विधायक ने बताया कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान हेतु 14,000 से अधिक पत्रों के माध्यम से निरंतर फॉलोअप किया गया है। NGT और NCLT जैसे प्रकरणों में हस्तक्षेप कर हजारों परिवारों और होमबायर्स को राहत दिलाई गई है।
मंदिरों के जीर्णोद्धार, सांस्कृतिक संरक्षण और राम रथ यात्राओं जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी मजबूत किया गया है।
जनविश्वास की मजबूत नींव
आज़ाद विहार कॉलोनी के मकानों को सुरक्षित रखने का निर्णय यह दर्शाता है कि विकास और जनभावनाओं के बीच संतुलन संभव है, यदि नेतृत्व संवेदनशील और प्रतिबद्ध हो। सरोजनीनगर आज उस मॉडल के रूप में उभर रहा है, जहाँ विकास की गति भी बनी हुई है और जनता का विश्वास भी।
कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में सरोजनीनगर परिवार की जनता उपस्थित रही।


































