रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक बार फिर हालात गंभीर होते दिख रहे हैं। क्रेमलिन ने दावा किया है कि ब्रिटेन और फ्रांस, यूक्रेन को परमाणु हथियार मुहैया कराने पर विचार कर रहे हैं। इस आरोप के बाद रूस और पश्चिमी देशों के बीच टकराव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
SVR का दावा: पारंपरिक हथियारों से रूस को हराना असंभव
रूस की विदेशी खुफिया एजेंसी SVR ने कहा कि पश्चिमी देश मानते हैं कि मौजूदा हालात में पारंपरिक हथियारों के जरिए रूस को हराना मुश्किल है। इसी वजह से यूक्रेन को “सुपर हथियार”, यानी परमाणु बम देने की रणनीति पर विचार किया जा रहा है।
रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, SVR ने यह भी दावा किया कि फ्रांस की M51 मिसाइल पर तैनात TN75 वारहेड के इस्तेमाल की संभावनाओं पर चर्चा हो रही है।
रूस ने IAEA और UNSC से जांच की मांग की
मॉस्को का कहना है कि जर्मनी ने यूक्रेन को परमाणु हथियार भेजने में मदद करने से इनकार कर दिया है। वहीं रूस की फेडरेशन काउंसिल ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी से ब्रिटेन और फ्रांस की कथित मंशा की जांच करने की मांग की है।
पुतिन की कड़ी चेतावनी
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले ही साफ कर चुके हैं कि यूक्रेन को परमाणु हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। नवंबर 2024 में कजाकिस्तान दौरे के दौरान उन्होंने कहा था कि अगर यूक्रेन परमाणु शक्ति बनने की कोशिश करता है तो रूस “तबाही मचाने वाले हथियारों” का इस्तेमाल करेगा।
पुतिन ने उन देशों को भी चेतावनी दी थी जो यूक्रेन को परमाणु हथियार देने पर विचार करेंगे। उनका कहना था कि मॉस्को हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पश्चिम में भी उठा था बयान
गौरतलब है कि जून 2022 में यूरोपीय संसद के सदस्य राडोस्लाव सिकोरस्की ने कहा था कि पश्चिमी देशों को यूक्रेन की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए उसे परमाणु हथियार देने का अधिकार है।
इन दावों और बयानों के बीच सवाल यही है कि क्या यूक्रेन युद्ध अब एक खतरनाक परमाणु मोड़ की ओर बढ़ रहा है, और क्या पुतिन पश्चिमी देशों के खिलाफ और आक्रामक कदम उठा सकते हैं?


































