HomeHEALTHबार-बार पेशाब आना: क्या यह किसी गंभीर बीमारी की चेतावनी है?

बार-बार पेशाब आना: क्या यह किसी गंभीर बीमारी की चेतावनी है?

यूरिन से जुड़ी समस्याओं—जैसे बार-बार पेशाब आना, जलन, दर्द, धार कमजोर होना या खून आना—को अक्सर लोग हल्के में लेते हैं। लेकिन ये लक्षण किडनी, प्रोस्टेट, डायबिटीज या दिल की बीमारी जैसे गंभीर कारणों से जुड़े हो सकते हैं। समय पर जांच से बड़ी जटिलताओं से बचा जा सकता है।


🔎 क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

यूरोलॉजिस्ट Madhav Sanzgiri के अनुसार, शुरुआती लक्षणों की पहचान बेहद जरूरी है। एक साधारण-सी दिखने वाली Urinary tract infection (UTI) अगर समय पर ठीक न हो तो संक्रमण ब्लैडर से किडनी तक फैल सकता है और गंभीर स्थिति, यहां तक कि Sepsis का कारण बन सकता है।


⚠️ किन लक्षणों पर तुरंत ध्यान दें?

  • बार-बार पेशाब आना (खासकर रात में)
  • पेशाब में जलन या दर्द
  • पेशाब में खून
  • धार का कमजोर होना या रुक-रुक कर आना
  • अचानक तेज पेशाब लगना
  • पेशाब कम आना या सूजन/थकान के साथ बदलाव

🧑‍⚕️ पुरुषों में संभावित कारण

  • पेशाब शुरू करने में दिक्कत, बूंद-बूंद टपकना या रात में कई बार उठना
    → Benign prostatic hyperplasia (BPH) या प्रोस्टेट संक्रमण का संकेत हो सकता है।
  • कुछ मामलों में यह Prostate cancer का भी लक्षण हो सकता है।

अक्सर इसे “उम्र का असर” समझकर टाल दिया जाता है, जो जोखिम बढ़ा सकता है।


👩 महिलाओं में क्या संकेत दिखते हैं?

  • पेशाब रोक न पाना (इनकॉन्टिनेंस)
  • अचानक तेज पेशाब लगना
  • दर्द या खून आना

ये लक्षण ब्लैडर की मांसपेशियों/नसों की समस्या या Kidney stone और Bladder stone की ओर इशारा कर सकते हैं। अनदेखा करने पर रुकावट, इंफेक्शन और तेज दर्द हो सकता है।


❤️ क्या डायबिटीज या हार्ट से जुड़ा हो सकता है?

  • रात में बार-बार पेशाब आना Diabetes mellitus का शुरुआती संकेत हो सकता है।
    • हाई ब्लड शुगर होने पर किडनी ज्यादा ग्लूकोज बाहर निकालने की कोशिश करती है, जिससे पेशाब बढ़ता है।
  • यह Heart failure जैसी दिल की बीमारी से भी जुड़ा हो सकता है, खासकर जब शरीर में तरल जमा हो रहा हो।

🩺 कब कराएं जांच?

  • लक्षण 2–3 दिन से ज्यादा रहें
  • बुखार, ठंड लगना या कमर/पीठ में तेज दर्द हो
  • पेशाब में खून दिखे
  • डायबिटीज/हाई BP के मरीज हों

टेस्ट्स: यूरिन रूटीन/कल्चर, ब्लड शुगर, किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT), अल्ट्रासाउंड, PSA (पुरुषों में)।


🛑 क्यों जरूरी है समय पर इलाज?

  • शुरुआती स्टेज में इलाज आसान और कम खर्चीला होता है।
  • देरी से Chronic kidney disease जैसी स्थायी समस्या हो सकती है।
  • संक्रमण फैलकर जानलेवा भी हो सकता है।

✔️ क्या करें?

  • पर्याप्त पानी पिएं (डॉक्टर की सलाह अनुसार)
  • ब्लड शुगर और BP कंट्रोल रखें
  • पेशाब से जुड़े बदलावों को नोट करें
  • बिना झिझक डॉक्टर/यूरोलॉजिस्ट से सलाह लें

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी लक्षण या नई दवा/उपचार से पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

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