पश्चिमी नाइजीरिया के क्वारा राज्य में मंगलवार शाम (3 फरवरी 2026) को हिंसा की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। हथियारबंद हमलावरों ने वोरो और नुकु नामक दो गांवों पर हमला कर दिया, जिसमें कम से कम 200 ग्रामीणों की जान चली गई। हाल के महीनों में यह हमला नाइजीरिया में हुआ सबसे भीषण नरसंहार माना जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले के पीछे लकुरावा नामक सशस्त्र संगठन का हाथ बताया जा रहा है, जिसका संबंध आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) से होने का दावा किया जा रहा है। हमलावरों ने गांवों में घुसकर लोगों पर बेरहमी से हमला किया और भारी तबाही मचाई।
दूरदराज इलाके में हमला, राहत कार्यों में मुश्किल
रेड क्रॉस ने बताया कि जिन गांवों को निशाना बनाया गया, वे बेहद दुर्गम क्षेत्रों में स्थित हैं। ये इलाके राज्य की राजधानी से करीब आठ घंटे की दूरी पर हैं और बेनिन सीमा के नजदीक पड़ते हैं। यहां सड़क और संचार सुविधाएं बेहद कमजोर हैं, जिसके चलते राहत और बचाव कार्यों में गंभीर बाधाएं आ रही हैं।
राज्य सरकार ने की कड़ी निंदा
क्वारा राज्य के गवर्नर अब्दुल रहमान अब्दुल रजाक ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे कायराना हरकत बताया। उन्होंने कहा कि यह हमला संभवतः सुरक्षा बलों द्वारा उग्रवादी संगठनों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों के जवाब में किया गया है।
लगातार गहराता सुरक्षा संकट
नाइजीरिया लंबे समय से गंभीर सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है। देश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में विद्रोह की समस्या बनी हुई है, जबकि उत्तर-पश्चिम और उत्तर-मध्य क्षेत्रों में अपहरण, फिरौती और सशस्त्र डकैती की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इस बढ़ती हिंसा में आम नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।


































