मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच Iran ने United States के साथ सभी तरह की बातचीत बंद करने का फैसला किया है। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की कड़ी चेतावनी के बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने गंभीर परिणामों की बात कही थी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, Tehran ने न केवल प्रत्यक्ष कूटनीतिक वार्ता, बल्कि अप्रत्यक्ष संवाद के सभी रास्ते भी बंद कर दिए हैं। दोनों देशों के बीच अब किसी भी तरह की बातचीत या संपर्क फिलहाल नहीं होगा।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोनों देशों के बीच संवाद बहाल कराने की कोशिशें जारी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ देशों के माध्यम से बैकचैनल बातचीत की पहल की जा रही है, ताकि हालात को और बिगड़ने से रोका जा सके।
इस बीच, ट्रंप द्वारा दी गई समय-सीमा भी समाप्ति के करीब है, जिससे हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं। उन्होंने पहले कहा था कि जरूरत पड़ने पर ईरान के अहम ठिकानों—जैसे पावर प्लांट और पुल—को निशाना बनाया जा सकता है। इसी दौरान Kharg Island जैसे रणनीतिक स्थानों पर हमलों की खबरें भी सामने आई हैं।
दूसरी ओर, Russia ने इस बढ़ते संघर्ष पर चिंता जताते हुए सभी पक्षों से तत्काल युद्धविराम की अपील की है। रूस का कहना है कि इस टकराव से न सिर्फ आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में है, बल्कि क्षेत्र के परमाणु ठिकानों, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और खाद्य सुरक्षा पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता टकराव अब वैश्विक चिंता का विषय बन गया है और दुनिया की नजरें इस संकट के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।


































