बॉलीवुड अभिनेता Rajpal Yadav हाल ही में तिहाड़ जेल से अंतरिम जमानत पर रिहा हुए हैं। करीब 11 दिन जेल में बिताने के बाद बाहर आते ही उन्होंने जेल व्यवस्था को लेकर कुछ सुझाव दिए, जिनमें सबसे चर्चा में रहने वाली मांग “स्मोकिंग एरिया” की रही।
स्मोकिंग जोन की मांग
अपने पैतृक गांव में समाचार एजेंसी Press Trust of India (PTI) से बातचीत के दौरान राजपाल ने कहा कि वे सिगरेट की आदत छोड़ नहीं पा रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि जैसे रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर स्मोकिंग जोन होते हैं, वैसे ही जेलों में भी अलग से व्यवस्था होनी चाहिए।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे धूम्रपान या तंबाकू सेवन का समर्थन नहीं कर रहे हैं, लेकिन चूंकि देश में इसकी बिक्री वैध है, इसलिए जेल में इसके लिए नियंत्रित व्यवस्था बनाई जा सकती है।
जेल सुधार पर भी रखी राय
राजपाल यादव ने कहा कि जेल केवल सजा देने की जगह नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे सुधार गृह की तरह काम करना चाहिए। उनके मुताबिक:
- कैदियों को अपनी गलतियों को सुधारने का अवसर मिलना चाहिए।
- सजा पूरी होने के बाद वे समाज में बेहतर जीवन जी सकें, इसकी तैयारी जेल में ही होनी चाहिए।
- जो लोग सुधार नहीं चाहते, उनके लिए कानून की सख्ती बनी रहनी चाहिए।
क्यों गए थे जेल?
मामला 2010 में लिए गए एक लोन से जुड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक कारोबारी से कर्ज लेने के बाद भुगतान न हो पाने और चेक बाउंस होने पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। रकम का इंतजाम न हो पाने पर राजपाल यादव को अदालत के आदेश के तहत सरेंडर करना पड़ा था।
फिलहाल वे अंतरिम जमानत पर बाहर हैं और उनके बयानों ने जेल व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।


































