HomeDaily Newsग्रीनलैंड विवाद गरमाया, डेनमार्क में समय से पहले चुनाव का ऐलान

ग्रीनलैंड विवाद गरमाया, डेनमार्क में समय से पहले चुनाव का ऐलान

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की बयानबाज़ी के बीच डेनमार्क की प्रधानमंत्री Mette Frederiksen ने संसदीय चुनाव समय से पहले कराने का ऐलान किया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, डेनमार्क में 24 मार्च को संसदीय चुनाव होंगे। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की ओर से ग्रीनलैंड पर कब्जे संबंधी बयान ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है।


क्यों अहम है यह चुनाव?

प्रधानमंत्री फ्रेडरिक्सन ने इसे “निर्णायक चुनाव” बताया। उनका कहना है कि:

  • डेनमार्क और यूरोप को आने वाले वर्षों में अधिक आत्मनिर्भर बनना होगा।
  • अमेरिका के साथ संबंधों को नए सिरे से परिभाषित करना होगा।
  • महाद्वीप में शांति सुनिश्चित करने के लिए रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना जरूरी है।

ग्रीनलैंड मुद्दे पर सख्त रुख अपनाने के कारण फ्रेडरिक्सन को घरेलू स्तर पर समर्थन मिला है। माना जा रहा है कि वह इसी समर्थन को चुनावी लाभ में बदलना चाहती हैं।


गठबंधन सरकार की अग्निपरीक्षा

मौजूदा सरकार एक अंतर-दलीय गठबंधन है, जिसमें:

  • फ्रेडरिक्सन की सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी
  • रक्षा मंत्री Troels Lund Poulsen की लिबरल पार्टी
  • पूर्व प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Lars Løkke Rasmussen की मॉडरेट्स पार्टी

शामिल हैं।

चुनाव में यह देखना अहम होगा कि मतदाता उनके अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व और डेनिश संप्रभुता की रक्षा के रुख को समर्थन देते हैं या घरेलू मुद्दों पर असंतोष हावी रहता है।


गिरता-बढ़ता जनसमर्थन

  • 2022 के आम चुनाव में सोशल डेमोक्रेट्स को 28% वोट मिले थे।
  • हालिया स्थानीय चुनावों में पार्टी को झटका लगा और समर्थन घटकर 17% तक पहुंच गया।
  • हालांकि ग्रीनलैंड विवाद को संभालने के बाद लोकप्रियता बढ़कर करीब 22% तक पहुंची।

अब 24 मार्च का चुनाव तय करेगा कि ग्रीनलैंड विवाद फ्रेडरिक्सन के लिए राजनीतिक मजबूती बनता है या चुनौती।

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