
लखनऊ। राजधानी के के.डी.सिंह बाबू स्टेडियम में अमर शहीदों की पुण्यतिथि पर आयोजित “रेसलिंग गोल्ड कप -2026” ने खेल प्रेमियों को रोमांच से भर दिया। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ जॉर्जिया और ईरान से आए पहलवानों ने अपने दमदार प्रदर्शन से दंगल को अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहचान दिलाई।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने आयोजन की भव्यता और खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच देते हैं, बल्कि भारत की पारंपरिक खेल संस्कृति को वैश्विक पहचान भी दिलाते हैं।

उन्होंने कहा कि कुश्ती भारत की हजारों वर्षों पुरानी परंपरा है, जिसमें शक्ति, तकनीक, अनुशासन और संस्कार का अनूठा संगम देखने को मिलता है। आज के मुकाबलों में खिलाड़ियों ने जिस ऊर्जा, तकनीकी दक्षता और संतुलन का प्रदर्शन किया, वह सराहनीय है।
कुश्ती को बढ़ावा देने के लिए ₹5 लाख का ऐलान
विधायक ने आयोजन समिति के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कुश्ती खेल को और सशक्त बनाने के लिए CSR फंड के माध्यम से ₹5 लाख की सहयोग राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस सहयोग से खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और भविष्य में ऐसे बड़े आयोजन और मजबूती से आयोजित किए जा सकेंगे।
खिलाड़ी ही देश का असली गौरव
डॉ. सिंह ने कहा कि खिलाड़ी राष्ट्र की अमूल्य धरोहर होते हैं। उनमें अनुशासन, समर्पण और देशभक्ति की भावना होती है, जो उन्हें समाज का आदर्श नागरिक बनाती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से देश का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन करते हैं और युवाओं के लिए प्रेरणा बनते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि अखाड़ा परंपरा और गुरु-शिष्य परंपरा से जुड़ी कुश्ती केवल खेल नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की जीवंत पहचान है, जिसे संरक्षित और आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में आयोजक राजेश कुमार सिंह सहित अभिमन्यु सिंह, पूर्व आईएएस एसपी सिंह, प्रोफेसर संजय सिंह, पी.के. मिश्रा, गोपाल राय, कैप्टन कमल सिंह, शंकरी सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और दर्शक उपस्थित रहे।


































