Home उत्तर प्रदेश त्यौहार: इस बार कब है धनतेरस ? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा...

त्यौहार: इस बार कब है धनतेरस ? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

कार्तिक माह (पूर्णिमान्त) की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन समुद्र-मंन्थन के समय भगवान धन्वन्तरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए इस तिथि को धनतेरस या धनत्रयोदशी के नाम से जाना जाता है. कार्तिक माह (पूर्णिमान्त) की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन समुद्र-मंन्थन के समय भगवान धन्वन्तरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए इस तिथि को धनतेरस या धनत्रयोदशी के नाम से जाना जाता है. इस दिन धन के देव कुबेर, मां लक्ष्‍मी,धन्‍वंतरि और यमराज का पूजन किया जाता है. इस दिन सोना, चांदी या बर्तन आदि खरीदना शुभ माना जाता है।

धनतेरस 2021 पूजा मुहूर्त

धनतेरस पूजा मंगलवार, नवम्बर 2, 2021 पर 06:16 पीएम से 08:11पीएम
त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ – नवम्बर 02, 2021 को 11:31 एएम बजे
त्रयोदशी तिथि समाप्त – नवम्बर 03, 2021 को 09:02 एएम बजे

धनतेरस की प्रथा

धनतेरस की शाम घर के बाहर मुख्य द्वार पर और आंगन में दीप जलाने की प्रथा भी है. इस प्रथा के पीछे एक लोककथा है.कथा के अनुसार किसी समय में एक राजा थे जिनका नाम हेम था. दैव कृपा से उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई. ज्योंतिषियों ने जब बालक की कुण्डली बनाई तो पता चला कि बालक का विवाह जिस दिन होगा उसके ठीक चार दिन के बाद वह मृत्यु को प्राप्त होगा. राजा इस बात को जानकर बहुत दुखी हुआ और राजकुमार को ऐसी जगह पर भेज दिया जहां किसी स्त्री की परछाई भी न पड़े. दैवयोग से एक दिन एक राजकुमारी उधर से गुजरी और दोनों एक दूसरे को देखकर मोहित हो गये और उन्होंने गन्धर्व विवाह कर लिया.विवाह के पश्चात विधि का विधान सामने आया और विवाह के चार दिन बाद यमदूत उस राजकुमार के प्राण लेने आ पहुंचे. जब यमदूत राजकुमार प्राण ले जा रहे थे उस वक्त नवविवाहिता उसकी पत्नी का विलाप सुनकर उनका हृदय भी द्रवित हो उठा. परन्तु विधि के अनुसार उन्हें अपना कार्य करना पड़ा. यमराज को जब यमदूत यह कह रहे थे, उसी समय उनमें से एक ने यम देवता से विनती की- हे यमराज! क्या कोई ऐसा उपाय नहीं है जिससे मनुष्य अकाल मृत्यु से मुक्त हो जाए. दूत के इस प्रकार अनुरोध करने से यम देवता बोले, हे दूत! अकाल मृत्यु तो कर्म की गति है, इससे मुक्ति का एक आसान तरीका मैं तुम्हें बताता हूं, सो सुनो. कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी रात जो प्राणी मेरे नाम से पूजन करके दीपमाला दक्षिण दिशा की ओर भेट करता है, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है. यही कारण है कि लोग इस दिन घर से बाहर दक्षिण दिशा की ओर दीप जलाकर रखते हैं।

धनतेरस पूजन विधि

धनतेरस की शाम के समय उत्तर दिशा में कुबेर, धन्वंतरि भगवान और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है. पूजा के समय घी का दीपक जलाएं. कुबेर को सफेद मिठाई और भगवान धन्वंतरि को पीली मिठाई चढ़ाएं. पूजा करते समय “ॐ ह्रीं कुबेराय नमः” मंत्र का जाप करें. फिर धन्वंतरि स्तोत्र का पाठ करें. इसके बाद भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा करें. और मिट्टी का दीपक जलाएं. माता लक्ष्मी और भगवान गणेश को भोग लगाएं और फूल चढ़ाएं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

लखनऊ: जीआरपी ने मुकदमा दर्ज होने के 10 घंटे के अंदर तीन अभियुक्तगणों को किया गिरफ्तार

लखनऊ: 07दिसम्बर2021: राजधानी लखनऊ के स्टेशन चारबाग लखनऊ में रेलवे स्टेशन अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त मेमो के आधार पर उपनिरीक्षक शाहआलम थाना जीआरपी...

उत्तरप्रदेश: ऊर्जा मंत्री ने दिए सभी डिवीजनों की टेक्निकल ऑडिट कराने के निर्देश

ऊर्जा मंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से की डिस्कॉम्स की समीक्षा टेम्पररी कनेक्शन्स की भी जांच के निर्देश अनियमितता पर कार्रवाई कर तय करें डिस्कॉम्स की जवाबदेही सही...

लखनऊ: नगरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर संविदा कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार

लखनऊ: 06दिसम्बर2021: राजधानी लखनऊ के इंदिरानगर स्थित नगरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर समस्त संविदा कर्मचारियों द्वारा कार्य बहिष्कार किया गया। अपनी 7 सूत्रीय मांगों...

Recent Comments