मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच United States जल्द ही Strait of Hormuz को सुरक्षित बनाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन की घोषणा कर सकता है। इस योजना का उद्देश्य व्यापारिक और तेल टैंकर जहाजों को बढ़ते समुद्री खतरे से बचाने के लिए सैन्य एस्कॉर्ट उपलब्ध कराना है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब क्षेत्र में तनाव के कारण जलमार्ग में जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई है। यह समुद्री रास्ता वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि दुनिया के करीब 20% तेल का परिवहन इसी मार्ग से होता है।
ट्रंप की अपील और संभावित गठबंधन
Donald Trump ने कई देशों से अपील की है कि वे अपने युद्धपोत भेजकर इस समुद्री मार्ग को सुरक्षित बनाने में सहयोग करें। उन्होंने खास तौर पर China, France, United Kingdom, Japan और South Korea जैसे देशों को इस मिशन में शामिल होने के लिए कहा है।
अमेरिकी ऊर्जा सचिव Chris Wright ने बताया कि इन देशों के साथ बातचीत जारी है और उम्मीद है कि चीन भी इस मामले में सकारात्मक भूमिका निभाएगा ताकि समुद्री मार्ग फिर से सुरक्षित तरीके से खोला जा सके।
वैश्विक नेताओं की प्रतिक्रिया
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने इस मुद्दे पर ट्रंप से चर्चा की है, जबकि फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने कहा कि यूरोप, भारत और एशिया के देशों के साथ मिलकर एक अंतरराष्ट्रीय मिशन पर विचार किया जा रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मिशन तभी शुरू होगा जब परिस्थितियां अनुकूल हों।
वहीं जर्मनी के विदेश मंत्री Johann Wadephul ने संकेत दिया कि उनका देश फिलहाल इस संघर्ष का हिस्सा बनने को तैयार नहीं है।
क्षेत्र में बढ़ता खतरा
इस बीच Iran ने कई व्यापारिक जहाजों को चेतावनी दी है कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने से बचें। हाल ही में कथित तौर पर विस्फोटकों से भरी नावों द्वारा इराकी जलक्षेत्र में दो ईंधन टैंकरों पर हमला किया गया, जिसमें आग लग गई और एक भारतीय नागरिक सहित एक क्रू सदस्य की मौत हो गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस समुद्री मार्ग में तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति और ईंधन की कीमतों पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।


































