बुल्गारिया के बाबा वेंगा ने अपने जीवनकाल में सैकड़ों भविष्यवाणियां की है, उनमें से कई सही साबित भी हुईं और गलत भी. हालांकि, इस बीच उनका एक और फ्यूचर प्रेडिक्शन चर्चा का विषय बन चुका है. उन्होंने भविष्यवाणी की है कि साल 2201 में सूरज ठंडा होने लगेगा. इसकी वजह से धरती का तापमान तेजी से गिरने लगेगा.
सूरज का ठंडा होना साइंस के नजरिए से काफी लंबा प्रोसेस है. वैज्ञानिकों के मुताबिक सूरज का जीवन लगभग 10 अरब वर्षों का होता है. इसमें से 4.6 अरब साल पूरे हो चुके हैं और बाकी 5.6 अरब साल बचे हुए हैं. हालांकि, बाबा वेंगा के मुताबिक आज से महज 175 साल बाद ही सूरज ठंडा पड़ने लगेगा. इसका असर धरती पर काफी पडे़गा.
क्या विज्ञान इसकी पुष्टि करता है?
EBSCO के अनुसार सूर्य के ठंडा होने या रेड जाइंट अवस्था में प्रवेश करने में अभी लाखों वर्ष लगेंगे. 2201 तक ऐसा कोई संकेत नहीं है कि सूरज अपनी ऊर्जा इतनी जल्दी खो देगा. हालांकि, यह संभावना जरूर बनी रहती है कि सूर्य के सोलर साइकिल्स (सौर चक्र) के बदलाव से पृथ्वी पर कुछ वर्षों के लिए असामान्य सर्दी या गर्मी का अनुभव हो सकता है. सोलर फ्लेयर्स या सौर गतिविधियों में कमी होने पर तापमान में मामूली गिरावट संभव है.
क्या था बाबा वेंगा का पूरा नाम?
बाबा वेंगा, जिनका पूरा नाम वेंगेलिया पांडेवा दिमित्रोवा था. उनका जन्म 1911 में बुल्गारिया में हुआ था. उनका संबंध एक सामान्य ग्रामीण परिवार में से था. बचपन में ही उनकी आंखों की रोशनी चली गई थी. हालांकि, बाद में उन्हें भविष्यय देखने की क्षमता हासिल हो गई, जिसकी मदद से उन्होंने सैकड़ो भविष्यवाणियां की. लोगों का मानना है कि वेंगा को प्राकृतिक आपदाओं, राजनीतिक घटनाओं और वैश्विक युद्धों की पूर्व जानकारी हो जाती थी. यही वजह है कि उन्हें “बाल्कान की नास्त्रेदमस” कहा जाता है.
बाबा वेंगा की कुछ चौंकाने वाली सटीक भविष्यवाणियां
बाबा वेंगा की सबसे प्रसिद्ध भविष्यवाणियों में ये शामिल हैं:
9/11 आतंकी हमला (2001)
कुर्स्क पनडुब्बी त्रासदी (2000)
कोरोना महामारी (2020)
प्रिंस डायना की मौत


































