पहलगाम आतंकी हमला की बरसी पर एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। इस घटना के एक साल पूरे होने पर पाकिस्तान की सरकार ने प्रतिक्रिया देते हुए भारत से कथित आरोपों पर सबूत पेश करने की मांग की है।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने बयान में कहा कि भारत को यह साबित करना चाहिए कि पाकिस्तान इस हमले में किसी भी तरह शामिल था। उन्होंने एक बार फिर घटना की स्वतंत्र जांच की मांग दोहराई है।
तरार ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता रखता है और वह अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत इस तरह के मामलों को राजनीतिक रूप से पेश करता है।
वहीं, इस घटना को लेकर भारत का रुख पहले से ही सख्त रहा है। भारत लगातार पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने के आरोप लगाता रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि ऐसे हमलों के पीछे सीमा पार से संचालित नेटवर्क का हाथ रहा है।
पिछले वर्ष जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए इस हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी, जिसमें पर्यटकों को निशाना बनाया गया था। इस घटना ने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया था।
भारतीय सुरक्षा बलों ने इसके बाद आतंकवाद के खिलाफ कई अभियान चलाए और सीमावर्ती क्षेत्रों में कार्रवाई तेज की। इन अभियानों के जरिए आतंक नेटवर्क को कमजोर करने का दावा किया गया।
इस पूरे मामले पर दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और कूटनीतिक स्तर पर भी संबंधों में खिंचाव देखने को मिल रहा है।


































