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भाजपा के मूल में राष्ट्रप्रथम और ‘अंत्योदय’: स्थापना दिवस पर डॉ. राजेश्वर सिंह का बड़ा संदेश, “अंत्योदय से राष्ट्रोदय तक-47 वर्षों की यात्रा, सेवा और सुशासन का संकल्प”

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के दक्षिण-2 मंडल (मुराइन खेड़ा, बंगला बाजार) स्थित कार्यालय में एक गरिमामय और उत्साहपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की उपस्थिति ने कार्यकर्ताओं में विशेष ऊर्जा का संचार किया।

कार्यक्रम की शुरुआत पार्टी ध्वज फहराकर की गई। इस दौरान संगठन की मजबूती, बूथ स्तर तक विस्तार, आगामी जनसंपर्क अभियानों और पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।

भाजपा केवल राजनीतिक दल नहीं, एक विचारधारा

अपने संबोधन में डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि भाजपा मात्र एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र प्रथम की भावना से प्रेरित एक सशक्त वैचारिक आंदोलन है। उन्होंने कहा कि पार्टी की 47 वर्षों की यात्रा देश के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिवर्तन की गवाही देती है।

उन्होंने कहा, “राजनीति सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का संकल्प है।” उनके अनुसार भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के उद्देश्य से कार्य करता है, जो अंत्योदय की अवधारणा को साकार करता है।

मजबूत और निर्णायक नेतृत्व

डॉ. सिंह ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व में देश ने कई ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय देखे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारत ने परमाणु शक्ति के रूप में अपनी पहचान बनाई, जिससे वैश्विक मंच पर देश की स्थिति मजबूत हुई।

वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 और 35(A) का हटाया जाना राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने वाला कदम रहा। तीन तलाक कानून के माध्यम से महिलाओं को न्याय मिला। वहीं सर्जिकल और एयर स्ट्राइक जैसे निर्णयों ने देश की सुरक्षा नीति को और अधिक सशक्त और स्पष्ट बनाया।

आर्थिक सुधार और डिजिटल क्रांति

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने आर्थिक क्षेत्र में बड़े सुधार किए हैं। जीएसटी लागू कर ‘वन नेशन, वन टैक्स’ की व्यवस्था स्थापित की गई, जिससे कर प्रणाली अधिक सरल और पारदर्शी बनी।

डिजिटल इंडिया अभियान के तहत UPI जैसी सुविधाओं ने देश को डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में अग्रणी बनाया है। साथ ही, बढ़ते विदेशी निवेश, स्टार्टअप को प्रोत्साहन और आत्मनिर्भर भारत अभियान ने देश की अर्थव्यवस्था को नई गति दी है।

इंफ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व विकास

डॉ. सिंह ने कहा कि देश में बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार, एक्सप्रेसवे का निर्माण, नए हवाई अड्डों का विकास और वंदे भारत ट्रेनों का संचालन देश की प्रगति को नई दिशा दे रहा है।

बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिला है, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी संतुलन मिला है।

गरीब कल्याण और अंत्योदय की अवधारणा

उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियों का केंद्र बिंदु गरीब और वंचित वर्ग है। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का कार्य किया है।

डॉ. सिंह ने कहा कि ये योजनाएं केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का माध्यम हैं, जिन्होंने लाखों लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाया है।

वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा

उन्होंने कहा कि आज भारत वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। G20 की सफल अध्यक्षता, वैक्सीन मैत्री पहल और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन जैसे प्रयासों ने भारत की वैश्विक छवि को सशक्त किया है।

भारत अब ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज के रूप में विश्व मंच पर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

कार्यकर्ताओं का उत्साह बना कार्यक्रम की पहचान

कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं का उत्साह और समर्पण साफ दिखाई दिया। डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि संगठन की असली ताकत उसके कार्यकर्ता होते हैं, जिनकी मेहनत और निष्ठा भाजपा को लगातार मजबूत बना रही है।

प्रमुख उपस्थित लोग

इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष विनोद मौर्य, उमेश तिवारी, गंगा राम अम्बेडकर, रमाशंकर त्रिपाठी, श्याम जी, कर्नल दया शंकर दुबे, सत्यम शुक्ला, के.एन. सिंह (पार्षद), कमलेश सिंह (पार्षद), हिमांशु अम्बेडकर (पार्षद), शिव प्रकाश मिश्रा, नेहा सिंह (पार्षद), अतुल टंडन, मनीष शुक्ला, नागेंद्र प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

अंतिम आह्वान

कार्यक्रम के अंत में डॉ. राजेश्वर सिंह ने सभी कार्यकर्ताओं और नागरिकों से आह्वान किया कि वे ‘राष्ट्र प्रथम, सेवा सर्वोपरि’ के मूल मंत्र को अपनाते हुए देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि संकल्प और आत्ममंथन का अवसर भी है।

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