भारतीय थाली का अहम हिस्सा सफेद चावल अब हेल्थ के लिहाज से और बेहतर बनने जा रहा है। CSIR के वैज्ञानिकों ने एक खास “डिज़ाइनर राइस” विकसित किया है, जो सामान्य चावल की तुलना में ज्यादा प्रोटीन और जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर है।
यह चावल National Institute for Interdisciplinary Science and Technology (NIIST) द्वारा तैयार किया गया है। इसमें आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन B12 जैसे जरूरी पोषक तत्व जोड़े गए हैं, जो शरीर में खून की कमी (एनीमिया) और विटामिन डिफिशिएंसी जैसी समस्याओं से निपटने में मदद कर सकते हैं।
इस नए चावल की एक खास बात इसका कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स है। इसका मतलब है कि यह ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाता है, जिससे Diabetes के मरीजों और वजन कंट्रोल करने वालों के लिए यह ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इसमें मौजूद हाई प्रोटीन कंटेंट शरीर को ऊर्जा देने, मांसपेशियों को मजबूत बनाने और लंबे समय तक पेट भरा महसूस कराने में मदद करता है। अगर रोज खाए जाने वाले भोजन को ही पोषण से भरपूर बना दिया जाए, तो कुपोषण और लाइफस्टाइल बीमारियों से लड़ना आसान हो सकता है।
इस तकनीक को आगे बढ़ाने के लिए इसे Tata Consumer Products Limited और तमिलनाडु की एसएस सोल फूड्स को लाइसेंस किए जाने की योजना है, ताकि यह आम लोगों तक पहुंच सके।
इस प्रोजेक्ट से जुड़े वैज्ञानिक C. Anandharamakrishnan को इस उपलब्धि के लिए टाटा ट्रांसफॉर्मेशन प्राइज 2024 से भी सम्मानित किया गया है। उनका कहना है कि उद्देश्य ऐसा मुख्य खाद्य विकसित करना है, जो स्वाद और परंपरा को बनाए रखते हुए पोषण स्तर को बेहतर करे।
इसके अलावा, वैज्ञानिकों ने कम सोडियम वाला नमक भी विकसित किया है, जिसमें स्वाद बरकरार रखते हुए सोडियम की मात्रा काफी कम की गई है। यह High Blood Pressure और दिल से जुड़ी बीमारियों के खतरे को कम करने में मददगार हो सकता है। साथ ही, फल और सब्जियों को लंबे समय तक ताजा और पोषक बनाए रखने की तकनीक पर भी काम किया गया है।
डिस्क्लेमर:
यह जानकारी रिसर्च और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


































