मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच Donald Trump ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए सख्त चेतावनी दी। उन्होंने 48 घंटे की डेडलाइन देते हुए कड़ी भाषा का इस्तेमाल किया, जिस पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी और अमेरिका को उसके पुराने असफल सैन्य मिशन ‘ऑपरेशन ईगल क्लॉ’ की याद दिला दी।
ईरान के विभिन्न दूतावासों ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति की भाषा की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी एक जिम्मेदार नेतृत्व को शोभा नहीं देती और इतिहास गवाह है कि ईरान की जमीन पर अमेरिका को पहले भी असफलता झेलनी पड़ी है।
दरअसल, Operation Eagle Claw 1980 में किया गया एक अमेरिकी सैन्य अभियान था, जिसका उद्देश्य तेहरान में बंधक बनाए गए अमेरिकी नागरिकों को छुड़ाना था। यह मिशन ईरान के रेगिस्तान में खराब मौसम और तकनीकी दिक्कतों के कारण विफल हो गया था। वापसी के दौरान एक हेलीकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट विमान की टक्कर में 8 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी, जिससे यह ऑपरेशन अमेरिकी सैन्य इतिहास की बड़ी विफलताओं में गिना जाता है।
इस बीच, अमेरिका में भी ट्रंप के बयान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। Chuck Schumer ने उनके बयान की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह की भाषा और व्यवहार देश की गरिमा के अनुरूप नहीं है।
ट्रंप ने अपनी चेतावनी में यह भी संकेत दिया कि अगर ईरान ने उनकी बात नहीं मानी तो अमेरिका ऊर्जा ढांचे और पुलों जैसे अहम ठिकानों को निशाना बना सकता है। साथ ही उन्होंने यह दावा भी किया कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और जल्द किसी समझौते की संभावना बन सकती है।


































