
- मथुरा जनपद के जमुनापार थाना क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक घटनाओं से दहशत का माहौल।
- यमुना विहार कॉलोनी, में दिनदहाड़े घर का ताला तोड़कर लाखों की चोरी।
- अज्ञात चोरों ने अलमारी और बक्सों को निशाना बनाकर सोना-चांदी और नकदी पार की।
- घटना के तुरंत बाद 112 पर सूचना देने के बावजूद पुलिस की देरी से कार्रवाई पर सवाल।
- यमुना विहार कॉलोनी में बढ़ रही चोरी की घटनाओं से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल।
- पीड़िता ने चोरों की गिरफ्तारी और चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की।

मथुरा/लखनऊ : जनपद मथुरा के अंतर्गत स्थित यमुना विहार कॉलोनी में दिनदहाड़े हुई चोरी की घटना ने स्थानीय कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अज्ञात चोरों द्वारा बंद मकान का ताला तोड़कर घर के अंदर घुसकर लाखों रुपये के जेवरात और नकदी चोरी कर ली गई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
घटना का पूरा विवरण

पीड़िता नीलम पत्नी जितेन्द्र सारस्वत, निवासी यमुना विहार कॉलोनी, थाना जमुनापार, ने अपने लिखित प्रार्थना पत्र में विस्तार से बताया कि 02 अप्रैल 2026 को वह किसी जरूरी कार्य से घर से बाहर गई हुई थीं। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने उनके मकान को निशाना बनाया। चोरों ने सबसे पहले घर के मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ा और बिना किसी डर के घर के अंदर प्रवेश किया।

घर के अंदर पहुंचने के बाद चोर सीधे उस स्थान पर गए जहां अलमारी और बक्से रखे हुए थे। इससे यह स्पष्ट होता है कि उन्हें घर के अंदर की बनावट और कीमती सामान की संभावित जगह की जानकारी पहले से हो सकती है। चोरों ने अलमारी और बक्सों के ताले तोड़कर व्यवस्थित तरीके से पूरे घर को खंगाला और कीमती सामान लेकर फरार हो गए।
यह पूरी घटना दिन के समय हुई, जिससे यह संकेत मिलता है कि अपराधियों में पुलिस का कोई भय नहीं रह गया है और वे बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
लाखों के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ
पीड़िता के अनुसार चोरी में भारी मात्रा में कीमती सामान शामिल है। चोर लगभग 2 किलो चांदी के आभूषण, सोने के कई प्रकार के जेवरात जैसे झुमके, जंजीर, अंगूठियां, गले के सेट आदि लेकर फरार हो गए। इसके अलावा घर में रखे करीब 10,000 रुपये नकद भी चोरी कर लिए गए।
पीड़िता का कहना है कि यह सभी आभूषण उनकी वर्षों की जमा पूंजी थे, जिनमें पारिवारिक और भावनात्मक महत्व भी जुड़ा हुआ था। इस चोरी से उन्हें न केवल आर्थिक बल्कि मानसिक रूप से भी भारी आघात पहुंचा है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
घटना के बाद पीड़िता ने तत्काल 112 आपातकालीन सेवा पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। हालांकि आरोप है कि पुलिस की प्रतिक्रिया अपेक्षित स्तर की नहीं रही और मौके पर पहुंचने में देरी हुई। पीड़िता का यह भी कहना है कि जब वह थाने पहुंचीं तो वहां भी उनकी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई।
इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस के इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की कार्यक्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम जनता के लिए 112 सेवा को त्वरित सहायता का माध्यम माना जाता है, लेकिन इस मामले में देरी ने लोगों के भरोसे को कमजोर किया है।
इलाके में दहशत, सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता
यमुना विहार कॉलोनी में हुई इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भय का माहौल व्याप्त है। दिनदहाड़े चोरी की इस वारदात ने यह स्पष्ट कर दिया है कि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। लोगों का कहना है कि इलाके में नियमित पुलिस गश्त नहीं होती, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
स्थानीय लोगों ने कॉलोनी में सीसीटीवी कैमरे लगाने, सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था करने और पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग उठाई है। उनका मानना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।
कई सवाल छोड़ गई वारदात
इस घटना का गहराई से विश्लेषण करने पर कई महत्वपूर्ण बिंदु सामने आते हैं। पहला, चोरों द्वारा सीधे अलमारी और बक्सों को निशाना बनाना इस ओर इशारा करता है कि संभवतः पहले से रेकी की गई थी। दूसरा, दिन के समय घटना होना यह दर्शाता है कि अपराधियों को पकड़े जाने का डर नहीं था। तीसरा, पुलिस की देरी से प्रतिक्रिया कानून-व्यवस्था की कमजोरी को उजागर करती है।
यह घटना केवल एक चोरी नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था, पुलिसिंग और स्थानीय सतर्कता की कमी का संयुक्त परिणाम प्रतीत होती है।
पीड़िता ने की सख्त कार्रवाई की मांग
पीड़िता ने अपने प्रार्थना पत्र में पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द अज्ञात चोरों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही चोरी गए सामान की बरामदगी सुनिश्चित की जाए और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
मथुरा के यमुना विहार कॉलोनी में हुई यह चोरी की घटना न केवल एक परिवार की आर्थिक क्षति का मामला है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। यदि समय रहते पुलिस और प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो इस तरह की घटनाएं आम होती चली जाएंगी और लोगों का कानून-व्यवस्था से विश्वास कमजोर होता जाएगा।


































