
लखनऊ। सरोजनी नगर क्षेत्र में वर्षों से बनी जलभराव की गंभीर समस्या के समाधान की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। ₹1 अरब 76 करोड़ 65 लाख की लागत से किला मोहम्मदी ड्रेन रीमॉडलिंग परियोजना को स्वीकृति मिल गई है। इस बड़ी उपलब्धि के पीछे सरोजनी नगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का निरंतर संघर्ष, प्रयास और मजबूत संकल्प प्रमुख रूप से सामने आता है।
संकल्प से स्वीकृति तक का संघर्ष

डॉ. राजेश्वर सिंह ने सरोजनी नगर को जलभराव से मुक्त कराने का जो संकल्प लिया था, उसे पूरा करने के लिए उन्होंने केवल घोषणाएं नहीं कीं, बल्कि जमीनी स्तर पर लगातार काम किया। क्षेत्र में जलभराव की समस्या को उन्होंने करीब से समझा और इसे प्राथमिकता में रखते हुए समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए।
उन्होंने सबसे पहले समस्या की जड़ तक पहुंचने के लिए विस्तृत अध्ययन कराया। जल निकासी व्यवस्था की खामियों को चिन्हित किया गया और विशेषज्ञों की टीम के साथ कई स्तरों पर चर्चा कर तकनीकी समाधान तैयार किया गया।
तकनीकी तैयारी और प्रशासनिक पैरवी
डॉ. सिंह ने इस परियोजना को केवल एक प्रस्ताव तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे मंजूरी दिलाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार पैरवी की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उन्होंने सरोजिनी नगर की स्थिति को विस्तार से रखा और इस परियोजना की आवश्यकता को मजबूती से प्रस्तुत किया।
इसके बाद भी उन्होंने लगातार फॉलो-अप जारी रखा। विभागीय अधिकारियों से संवाद, फाइलों की प्रगति की निगरानी और हर स्तर पर समन्वय बनाकर उन्होंने इस परियोजना को मंजूरी तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
2022 से लगातार प्रयास
23 अगस्त 2022 को सिटी मॉन्टेसरी स्कूल में आयोजित जल प्रबंधन विचार गोष्ठी के दौरान इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा तय की गई थी। उसी समय से डॉ. राजेश्वर सिंह ने इसे अपनी प्राथमिकता बनाते हुए लगातार प्रयास जारी रखे। बीते वर्षों में उन्होंने इस परियोजना को धरातल पर लाने के लिए हर संभव कोशिश की।
जनसमस्या को जनआंदोलन बनाया
डॉ. सिंह ने जलभराव की समस्या को केवल एक स्थानीय मुद्दा नहीं रहने दिया, बल्कि इसे जनहित का बड़ा विषय बनाते हुए शासन स्तर तक प्रभावी ढंग से उठाया। क्षेत्रवासियों की पीड़ा को उन्होंने अपनी जिम्मेदारी मानते हुए हर मंच पर मजबूती से रखा।
अब मिलेगा स्थायी समाधान
अर्बन फ्लड कंट्रोल एवं स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज योजना के तहत किला मोहम्मदी ड्रेन की रीमॉडलिंग से सरोजिनी नगर क्षेत्र में जल निकासी की मजबूत और आधुनिक व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे आशियाना समेत आसपास के हजारों परिवारों को हर वर्ष होने वाली जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी।
जनता के विश्वास की जीत
यह परियोजना केवल एक विकास कार्य नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधि के रूप में डॉ. राजेश्वर सिंह की प्रतिबद्धता और संघर्ष का परिणाम है। उनके प्रयासों से अब सरोजिनी नगर के लोगों को एक स्थायी समाधान मिलने जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में क्षेत्र के विकास की नई दिशा तय करेगा।


































