वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच रूस ने क्यूबा की मदद के लिए बड़ा कदम उठाया है। रूस ने क्यूबा को लगभग एक लाख टन कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) से भरा टैंकर भेजा है, जो क्यूबा के तट पर पहुंच चुका है।
रूसी परिवहन मंत्रालय के अनुसार, यह टैंकर फिलहाल मानसास पोर्ट पर अनलोडिंग के इंतजार में है। यह सहायता ऐसे समय में आई है, जब डोनाल्ड ट्रंप क्यूबा को लेकर कड़े बयान दे रहे हैं और हमले की चेतावनी भी दे चुके हैं।
रूस ने क्या कहा?
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि क्यूबा की मदद करना रूस का दायित्व है। उन्होंने बताया कि यह तेल खेप क्यूबा के लिए बेहद जरूरी है, जिससे वहां बिजली उत्पादन, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं जारी रखी जा सकें।
क्यूबा में क्यों गहराया संकट?
दरअसल, अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण क्यूबा गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है। देश में ईंधन की भारी कमी है, जिससे परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो गई है और हवाई सेवाएं भी ठप पड़ने की स्थिति में हैं।
हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि एक ही सप्ताह में दो बार नेशनल पावर ग्रिड फेल हो गया, जिससे पूरे देश में अंधेरा छा गया। अस्पतालों में भी बिजली संकट के चलते इलाज प्रभावित हुआ और कई जगह ऑपरेशन तक टालने पड़े।
ट्रंप के बयान से बढ़ा तनाव
इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए संभावित हमले के संकेत दिए हैं। उन्होंने हाल के दिनों में क्यूबा के खिलाफ लगातार बयानबाजी की है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।
ऐसे हालात में रूस की यह मदद क्यूबा के लिए राहत लेकर आई है, लेकिन वैश्विक स्तर पर इससे भू-राजनीतिक तनाव और तेज होने की आशंका भी जताई जा रही है।


































