
लखनऊ। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित नियमित जनसुनवाई कार्यक्रम अब एक सशक्त, पारदर्शी और भरोसेमंद जनसेवा मंच के रूप में स्थापित हो चुका है। “जनसुनवाई से जनकल्याण” की अवधारणा को धरातल पर उतारते हुए यह पहल न केवल आमजन की समस्याओं के समाधान का माध्यम बनी है, बल्कि शासन और जनता के बीच संवाद का मजबूत सेतु भी साबित हो रही है।
विधायक कार्यालय, पराग चौराहा (एलडीए कॉलोनी) में आयोजित जनसुनवाई में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित हुए। इस दौरान लोगों ने अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक और सार्वजनिक समस्याओं के साथ-साथ विकास संबंधी सुझाव भी प्रस्तुत किए। प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जिससे लोगों को समयबद्ध राहत मिल सके।
शिक्षा और युवा सशक्तिकरण को मिल रहा प्रोत्साहन

जनसुनवाई में बड़ी संख्या में मेधावी छात्र-छात्राओं की सहभागिता देखने को मिली। छात्र अपनी उपलब्धियों और अंकतालिकाओं के साथ पहुंचे, जिन्हें सम्मानित करते हुए लैपटॉप एवं साइकिल प्रदान की गई। यह पहल विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है। क्षेत्र में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण निर्माण में यह प्रयास महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
स्वास्थ्य सहायता में संवेदनशीलता का उदाहरण

जनसुनवाई में स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए दर्जनों आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की गई। साथ ही सभी प्रकरणों को मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से सहायता दिलाने हेतु अग्रसारित करने के निर्देश दिए गए। अब तक 1200 से अधिक मरीजों को 25 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है, जो इस पहल की मानवीय संवेदनशीलता और प्रभावशीलता को दर्शाता है।
वृद्धजन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार

विधायक कार्यालय को जनसुविधा केंद्र के रूप में विकसित करते हुए पेंशन एवं अन्य सरकारी योजनाओं के फॉर्म निःशुल्क भरवाने की व्यवस्था की गई है। इसके माध्यम से बुजुर्गों, विधवाओं और जरूरतमंदों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जा रहा है, पिछले दो वर्षों में 1000 से अधिक लोगों को पेंशन एवं अन्य लाभकारी योजनाओं से जोड़ा गया है, जिससे समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
आधारभूत संरचना और विकास कार्यों में तेजी
क्षेत्र में विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए छोटे और बड़े दोनों स्तरों पर तेजी से काम किया जा रहा है। अब तक 1500 से अधिक सड़कों का निर्माण एवं मरम्मत कार्य कराया जा चुका है। इन कार्यों में लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, लखनऊ विकास प्राधिकरण, मंडी परिषद और विधायक निधि का समन्वित योगदान रहा है। स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए पार्षदों को मौके पर ही निर्देश दिए जा रहे हैं, जबकि बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए संबंधित विभागों को कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया है।
मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में प्रयास
जनसुनवाई के दौरान क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंदिरों एवं दूरस्थ बस्तियों में पांच नए हैंडपंप स्वीकृत किए गए हैं, जिससे स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के माध्यम से पांच नए ओपन एयर जिम स्थापित करने की स्वीकृति दी गई है। उल्लेखनीय है कि अब तक सरोजनीनगर क्षेत्र में 105 से अधिक ओपन एयर जिम स्थापित किए जा चुके हैं, जो लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
संवाद से समाधान की दिशा में मजबूत पहल
जनसुनवाई कार्यक्रम में संविदा चिकित्सा कर्मियों सहित विभिन्न संगठनों और वर्गों ने अपनी समस्याएं एवं मांगें प्रस्तुत कीं। इन सभी मामलों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए आश्वस्त किया गया कि उनकी समस्याओं को राज्य स्तर तक प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा, यह मंच समाज के हर वर्ग को अपनी बात रखने और समाधान प्राप्त करने का अवसर प्रदान कर रहा है।
जनविश्वास का केंद्र बनी जनसुनवाई
सरोजनीनगर की जनसुनवाई अब केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं रह गई है, बल्कि यह जनविश्वास का केंद्र बन चुकी है। यहां प्रत्येक नागरिक की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर सुना और उसका समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। यह पहल सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रही है, जिससे जनता और जनप्रतिनिधि के बीच विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो रहा है।
विधायक ने कहा कि सरोजनीनगर के प्रत्येक नागरिक के जीवन को सुगम, सुरक्षित और समृद्ध बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी दोहराया कि वे हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़े रहेंगे और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।


































