सूर्यकुमार यादव ने अपनी पढ़ाई और क्रिकेट करियर को लेकर दिलचस्प खुलासा किया है। भारतीय टी20 कप्तान ने कहा कि जो प्रतिशत वह कभी स्कूल-कॉलेज में नहीं ला पाए, वही अब क्रिकेट में हासिल कर रहे हैं।
सूर्यकुमार यादव ने बताया कि उन्हें पढ़ाई में ज्यादा रुचि नहीं थी, जिसे उनके पिता ने भी जल्दी समझ लिया था। इसके बाद परिवार ने उनका पूरा समर्थन किया और उन्हें क्रिकेट में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
टी20 कप्तान के तौर पर 80 प्रतिशत से ज्यादा विनिंग रेट पर खुशी जताते हुए सूर्या ने कहा, “स्कूल या कॉलेज में मैं 50-60 प्रतिशत से ज्यादा नहीं ला पाया, लेकिन यहां 80 प्रतिशत हासिल करना खुशी देता है। हालांकि मैं आंकड़ों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता, मुझे बस हर मैच जीतना पसंद है।”
गौरतलब है कि टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद उन्हें टीम इंडिया की कप्तानी सौंपी गई थी। उनकी अगुवाई में टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतकर इतिहास रच दिया। भारत लगातार दो बार यह खिताब जीतने वाला पहला देश बना और घरेलू सरजमीं पर भी ट्रॉफी अपने नाम की।
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया ने अब तक 52 में से 42 मुकाबले जीते हैं, जबकि 8 में हार और 2 मैच बेनतीजा रहे।
अपने बचपन को याद करते हुए सूर्या ने बताया कि उनके पिता, जो भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर में इंजीनियर थे, उन्होंने हमेशा उनका साथ दिया। जब उन्हें लगा कि बेटे का मन क्रिकेट में है, तो उन्होंने खुलकर कहा कि वह अपने जुनून को आगे बढ़ाएं।
आज सूर्यकुमार यादव उसी फैसले का नतीजा हैं, जिन्होंने पढ़ाई में औसत रहने के बावजूद क्रिकेट के मैदान पर अपनी अलग पहचान बना ली है।


































