काबुल में कथित एयरस्ट्राइक को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पाकिस्तान की वायुसेना ने शहर के कई इलाकों को निशाना बनाया, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।
इस बीच, पश्तून मानवाधिकार कार्यकर्ता और पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) के प्रमुख मंजूर पश्तीन ने इस घटना की कड़ी आलोचना की है।
“यह अमानवीय हमला” – मंजूर पश्तीन
मंजूर पश्तीन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि यह हमला निर्दोष नागरिकों पर किया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई मानवता के खिलाफ है और इसमें आम लोगों को निशाना बनाया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमले में अस्पताल और रिहायशी इलाके प्रभावित हुए, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मुद्दे पर ध्यान देने की अपील की।
किन इलाकों को निशाना बनाने का दावा?
रिपोर्ट्स के अनुसार, कथित हमलों में कई संवेदनशील और रिहायशी क्षेत्रों का जिक्र किया गया है, जिनमें:
- रक्षा मंत्रालय के आसपास के इलाके
- खुफिया एजेंसी मुख्यालय के पास क्षेत्र
- राष्ट्रपति भवन के आसपास रिहायशी इलाका
- एयरपोर्ट के पास स्थित पुराना बेस और एक बड़ा अस्पताल
बताया जा रहा है कि हमले में भारी बमों का इस्तेमाल हुआ, जिससे कई जगहों पर आग लग गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हताहतों के आंकड़े (अप्रमाणित)
कुछ रिपोर्ट्स में बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने का दावा किया गया है, लेकिन आधिकारिक स्तर पर इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं हुई है।
इसके अलावा नंगरहार प्रांत में भी हमले की खबरें सामने आई हैं, हालांकि वहां नुकसान को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं है।
फिलहाल स्थिति क्या है?
काबुल में राहत और बचाव कार्य जारी होने की बात कही जा रही है। स्थानीय स्तर पर घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है और मलबे में दबे लोगों को निकालने की कोशिश की जा रही है।
महत्वपूर्ण बात
इस तरह की घटनाओं में शुरुआती रिपोर्ट्स अक्सर अपूर्ण या एकतरफा हो सकती हैं। इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक पुष्टि और विश्वसनीय स्रोतों का इंतजार करना जरूरी है।

































