
लखनऊ, 14 मई 2025: उत्तर प्रदेश पुलिस के मुखिया, पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रशांत कुमार के सेवा विस्तार को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि सरकार उन्हें 31 मई 2025 को होने वाली सेवानिवृत्ति के बाद कुछ समय का सेवा विस्तार दे सकती है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश फिलहाल जारी नहीं हुआ है, लेकिन शासन के उच्चस्तरीय सूत्रों का दावा है कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था को स्थिर बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया जा सकता है।
DGP चयन प्रक्रिया: सरकार नहीं करती सीधा फैसला
- उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में DGP की नियुक्ति का फैसला सीधे राज्य सरकार द्वारा नहीं किया जाता।
- यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार एक छह सदस्यीय समिति के माध्यम से होती है, जिसमें संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य सरकार के प्रतिनिधि शामिल होते हैं।
- समिति राज्य के योग्यतम तीन वरिष्ठतम आईपीएस अधिकारियों के नामों का पैनल बनाती है, जिसके आधार पर राज्य सरकार इनमें से किसी एक को DGP नियुक्त कर सकती है।
- यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि राजनीतिक हस्तक्षेप कम से कम हो और नियुक्ति पारदर्शी रहे।
प्रशांत कुमार को क्यों मिल सकता है सेवा विस्तार?
- मौजूदा परिस्थितियों में नई नियुक्ति प्रक्रिया के पूर्ण होने तक समय की कमी को देखते हुए, राज्य सरकार प्रशांत कुमार को तीन या छह माह का सेवा विस्तार देने पर विचार कर रही है।
- प्रशांत कुमार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पसंद के अधिकारी माने जाते हैं। उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पुलिस ने संगठित अपराध, माफिया, और गैंगवार जैसे मामलों पर प्रभावी नियंत्रण पाया है।
- ‘माफिया मुक्त उत्तर प्रदेश’ अभियान की सफलता को भी बड़े स्तर पर उनके कार्यकाल की उपलब्धि माना जा रहा है।
डीजीपी की रेस में कौन-कौन?
प्रशांत कुमार के रिटायर होते ही डीजीपी की रेस में कई वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय हो जाएंगे:
- दलजीत सिंह चौधरी – वर्तमान में BSF के DG हैं, वरिष्ठता में शीर्ष पर हैं।
- राजीव कृष्ण – उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष, विजिलेंस के डीजी भी हैं।
- रेणुका मिश्रा – महिला आईपीएस अधिकारी, वरिष्ठता सूची में शीर्ष पर हैं।
- तिलोत्तमा वर्मा – लंबे समय तक CBI में कार्यरत रही हैं। यदि नियुक्त हुईं, तो उत्तर प्रदेश को पहली महिला डीजीपी मिल सकती है।
- संदीप सानलुके, पीयूष आनंद, आलोक शर्मा जैसे नाम भी सूची में हैं, हालांकि कुछ अधिकारी वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं।
कौन-कौन हो रहे हैं रिटायर?
- 31 मई 2025 को उत्तर प्रदेश कैडर के तीन DG रैंक के अधिकारी सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं:
- डीजीपी प्रशांत कुमार
- डीजी जेल पीवी रामाशास्त्री
- डीजी टेलीकॉम संजय एम. तरड़े
इनकी सेवानिवृत्ति के बाद वरिष्ठता सूची में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा, जो नई नियुक्ति को प्रभावित कर सकता है।
निर्णय कब तक?
- सूत्रों के अनुसार, यदि आगामी दो सप्ताह में UPSC से DGP पैनल नहीं आता या राज्य सरकार को अंतरिम व्यवस्था करनी पड़ी, तो प्रशांत कुमार को ही सेवा विस्तार देकर डीजीपी पद पर बरकरार रखा जाएगा।
- गृह विभाग, मुख्यमंत्री कार्यालय, और कार्मिक विभाग इस पर गहन विचार कर रहे हैं।
- DGP प्रशांत कुमार के सेवा विस्तार को लेकर औपचारिक निर्णय भले ही सामने न आया हो, लेकिन वर्तमान कानून व्यवस्था, प्रशासनिक स्थिरता, और चयन प्रक्रिया की समय-सापेक्ष बाध्यता को देखते हुए उन्हें कार्यकाल विस्तार मिलने की प्रबल संभावना है। सभी की निगाहें अब राज्य शासन और UPSC की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
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