
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश एसटीएफ फील्ड यूनिट मेरठ और मुरादाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बुधवार को बड़ी सफलता हाथ लगी। थाना सिविल लाइन क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान उधम सिंह गैंग का शार्प शूटर आशु उर्फ मोंटी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
आरोपी आशु उर्फ मोंटी पुत्र भरत सिंह, थाना हाफिजपुर क्षेत्र के मीरापुर कला, जनपद हापुड़ का निवासी था। पुलिस के अनुसार वह हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और रंगदारी जैसे संगीन अपराधों में लंबे समय से वांछित चल रहा था। हाल ही में उसने मुरादाबाद के एक व्यवसायी से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी और हत्या के प्रयास के मामले में फरार था। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
मुठभेड़ में हथियारों का जखीरा बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक स्विफ्ट कार, 32 बोर की फैक्ट्री मेड पिस्टल, रिवॉल्वर, 12 बोर की बंदूक, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और खोखे बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि वह किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था।
अपराध की दुनिया में लंबा इतिहास
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आशु उर्फ मोंटी का आपराधिक इतिहास काफी पुराना रहा है। वर्ष 2010 में हत्या के एक मामले में जेल जाने के दौरान उसका संपर्क उधम सिंह गैंग से हुआ था। जमानत पर बाहर आने के बाद वह गैंग के लिए सक्रिय रूप से काम करने लगा और अपराध को ही अपना पेशा बना लिया।
उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में कुल 36 मुकदमे दर्ज थे। मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर और मुरादाबाद सहित कई जिलों में उसका आपराधिक नेटवर्क फैला हुआ था।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई, टली बड़ी वारदात
एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई को बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी के मारे जाने से क्षेत्र में सक्रिय आपराधिक गिरोह को बड़ा झटका लगा है। साथ ही एक संभावित बड़ी वारदात को समय रहते टाल दिया गया।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और बदमाश के नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है।


































